वो शख्स आईने में

कम    बोलता   बहुत  कम बोलता है
रोज़     रोज़   नहीं  हरदम  बोलता है
मगर जब भी साला ये मुँह खोलता है
मेरे  बारे   में   सब   गलत  बोलता है
वो शख्स आईने में नहीं सच बोलता है

मैं जो हूँ जो भी हूँ वो बिलकुल अलग है
मैं हूँ   जुदा लेकिन वो दिखता अलग है
मुझको  सदा   वो  कुछ कम तोलता है

कम    बोलता   बहुत  कम बोलता है
रोज़     रोज़   नहीं  हरदम  बोलता है
मगर जब भी साला ये मुँह खोलता है
मेरे  बारे   में   सब   गलत  बोलता है
वो शख्स आईने में नहीं सच बोलता है

छोटा  था मैं जब भी वो झूठ कहता था
बहादुर बच्चा मैं था वो सहमा रहता था
आज  भी  नहीं  वो  बेहिचक बोलता है

कम    बोलता   बहुत  कम बोलता है
रोज़     रोज़   नहीं  हरदम  बोलता है
मगर जब भी साला ये मुँह खोलता है
मेरे  बारे   में   सब   गलत  बोलता है
वो शख्स आईने में नहीं सच बोलता है

नज़रें  मिली  थी  कोई  अच्छी  लगी थी
कहने को दिल में कितनी बातें दबी थी
कहा नहीं कुछ  डर  गया था बोलता है

कम    बोलता   बहुत  कम बोलता है
रोज़     रोज़   नहीं  हरदम  बोलता है
मगर जब  भी साला ये मुँह खोलता है
मेरे  बारे    में   सब   गलत  बोलता है
वो शख्स आईने में नहीं सच बोलता है

मैं  सुधर  गया  हूँ  अब  बदल  गया हूँ
खूबसूरत  मैं   सुपर   कूल  हो गया हूँ
येड़ा मगर मुझको  बेअदब  बोलता है

कम    बोलता   बहुत  कम बोलता है
रोज़     रोज़   नहीं  हरदम  बोलता है
मगर जब भी साला ये मुँह खोलता है
मेरे  बारे   में   सब   गलत  बोलता है
वो शख्स आईने में नहीं सच बोलता है

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s