पापा

दावा वो करते हैं कि सब समझते हैं
पापा अब तक मुझको बच्चा समझते हैं
मेरी सलाह अनुभव की ठोकर पर रखते हैं
पापा अब तक मुझको बच्चों में गिनते हैं

एडवाइस के लिए वो मुझको बुलाते हैं
यंग सोच को हर काम में आज़माते हैं
पर जब मैं अपने दिल की बात रखता हूँ
‘तुम क्या जानो’ कहकर मनमर्जी करते हैं

बोलूं तो ‘बहस नहीं’ कहकर चुप करते हैं
चुप रहूं अगर तो भी पारा हाई करते हैं
दावा वो करते हैं कि सब समझते हैं
पापा अब तक मुझको बच्चा समझते हैं

बड़ा हो गया हूँ पर फिर भी डरते हैं
छोटे बच्चों के जैसी केयर करते हैं
जॉब कर रहा हूँ इतना टाइम नहीं है
पर मेरे दिल में उनकी जगह वही है

वक़्त बदल गया है पर वो वहीँ खड़े हैं
समझदार खुदको मुझे नादां समझते हैं
दावा वो करते हैं कि सब समझते हैं
पापा अब तक मुझको बच्चा समझते हैं

मेरी सलाह अनुभव की ठोकर पर रखते हैं
पापा अब तक मुझको बच्चों में गिनते हैं
दावा वो करते हैं कि सब समझते हैं
पापा अब तक मुझको बच्चा समझते हैं

3 thoughts on “पापा”

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