चैटिंग सैटिंग

दो   चार   अक्षर   डारि  के  दाब  दिया जो ‘सर्च’
जानकारी पूरी   मिलै   पैसा    होयें   न    खर्च
होवे   कछु    नहीं  खर्च   सूचना   पक्की    पावें
बलिहारी   इंटरनेट झट हर काज    बनावें
कहें कविवर ‘अवनीत’ ऑनलाइन सब कोई रहिये
कलयुग    के    अवतार   जय गूगल की  कहिये

फेसबुक    लीला    देख   के   भये कवि  जी दंग
एक   क्लिक   पै   मिल   गए   यार   पुराने संग
अब यारन के संग    व्यस्त   चैटिंग    में   रहते
पत्नी  से   हाय    बाय   फेसबुक  पर ही कहते
कंप्यूटर   का   दौर   संग  फेसबुक   के   रहिये
सेहत  का धरि कै ध्यान दोस्ती खूब निभाइये

व्हाट्सएप्प   से जो जुड़ गए कविवर होंय निहाल
फोटू संग   मैसेज   करें  बदली सब की चाल
बदल गयी सब चाल  स्मार्ट  मोबाइल के चलते
संता    बंता    जोक   कवी ऑनलाइन पढ़ते
शहर   गाँव   का   फर्क  व्हाट्सएप्प ने बिसराया
नवयुग    का    हथियार    सूचना   क्रांति  लाया

इंटरनेट   उपलब्ध    है   भरपूर रहो  ऑनलाइन
घरवालों के लिए जरूर निकालो टाइम
दो  उन्हें अपना समय  कि प्रियजन सदा न रहते
काँधे लगते चार   मुर्दे   ऑनलाइन   न  उठते
माँ   बापू भाई   बहन   संग   पत्नी    के  रहिये
चैटिंग सैटिंग संग    झप्पियां    देते   रहिये

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